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Saturday, December 28, 2019

मेरे अल्फाज

         
                                    मेरे अल्फाज 

                                एक ग़ज़ल सा दिल है मेरा ,
    रख लो इसका लाज तुम।

गीत कोई चुन लिए हो,
तो सुना दो साज तुम।

मुझमे तो तुम यूं बसी हो
जैसे मेरी अल्फाज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

दिल की बाते ना छुपाओ ,
खुलकर बताओ राज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

मेरी मोहब्बत तो है पावन,
चाहे सौ जतन कर लो तुम।

बाद में हा करना मुझसे,
पहले अपना मन भर लो तुम।

मैं तो तुम पर सब रख दिया हु
जी गया और मर गया हूँ

तुम्हारी मर्जी अब चलेगी,
चाहो तो मुझपर मर लो तुम।।

कब करोगी ये बताओ,
इकरारे मोहब्बत का आगाज तुम

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

- मोतीराम 


Friday, December 20, 2019

तेरी दौलत


मुश्किले भी हैं,गम भी हैं
तुम भी हो हम भी हैं।
तेरी बेरुकी भी हैं
तेरी मुस्कुराहट भी है।
तुम दूर भी हो 
तुम पास भी हो ।
साथ कोई नही 
फिर भी तेरी आहत सी है ।
सोचता हूं कभी की तुमको साथ रखु 
 तुम्हारा ख्याल तुम्हारी बाते 
सब मेरी चाहत सी है।
तुझमे ही तो खोया हु 
तुमको ही तो पाया हूं
लगता है तुझसे ही मेरी  जिंदगी की 
सब  इबादत सी है।।

तेरी सूरत की मुरीद में बैठा हूँ 
मैं भी कई जन्मों का भटकता हुआ
 तुमको देखकर लगता है हा अब राहत सी है।।

तुम आज समझ जाओ ये पंक्तियां मेरी
जो मेरी सिर्फ कहानी नही 
मेरी जिंदगी की हसरत भी है।।

आजमाना है तुमको तो आ जाओ 
आजमा लो मुझको आज 
तुमको भी पता तो चले 
ये सिर्फ रज नही तेरी दौलत भी है।।

    - मोतीराम 

Sunday, November 17, 2019

कारगिल युद्ध (देश की सीमा)

सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है
तन से मन से और धन से सबको मिलकर कुछ कुछ जतन से
सेवा जितना हो सके सकल समर्पण करनी है।
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

मूर्छित होता जो सैनिक सब मिलकर सम्मान करते हैं
जो दुश्मन को पार लगाए सब मिलकर अभिमान करते हैं
जो करती हैं देश की सेना सबको मिलकर वैसी करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

सब सैनिक का परिवार है होता होता घर और द्वार
दुनिया की मोह माया से परे छोटा सा एक संसार
इस संसार का भी पालन पोषण उसी सैनिक को करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

दुनिया का जो सुख ना जाने ना जाने भोजन पानी
फिर भी रहते बड़े मौज में दिखते सबसे अवमानी
कहते हैं वे हमको जब तक हम हैं तुम सबको चैन से रहनी हैं
 सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

दुश्मन जिसके पास ना आये ,कुछ करे और कुछ हो जाये 
सडयंत्र करके भी पझताये एक को मारे तो सौ मर जाये
चिल्लाये और मुह की खाये ,दुम दबा कर जो भाग जाए ,
यह मेरा देश हैं ऐसा जो सीमाओं को अधिक बलवान बनाये
मेरे इस देश पर अब सबको गुमान करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

        -मोतीराम 
9131308002

Saturday, October 19, 2019

बाबूजी


                      बाबूजी

लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।
बचपन मे मैं जब भी गिरता वो झट से मुझे उठाते थे।
रोता मैं गिरकर जो कभी तो सहलाकर चुप कराते थे।
बाबूजी के साथ घूमना मानो हर दिन मेला सा लगता था।
जिस पल साथ नही रहते तो सब कुछ झमेला सा लगता था।
बाबूजी हमको बात बताते थे गांव गली और बुजुर्गो की।
कहते थे काम आएगा सुन लो यह बात है तजुर्बा की ।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

उनके कहानियों में जीवन का हर सार छुपा रहता है।
बीत गया वह जमाना और आने वाला संसार छुपा रहता है ।
वो बाबूजी के साथ खेलना ,लड़ना झगड़ना हँसना रोना।
उनकी थाली में खाना अपना जूठा उन्हें खिलाना।
सब बातें उस जमाने की जब हमको अच्छा लगता था।
मन मे किसी के लिए भी बैर नही सब कुछ सच्चा लगता था ।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

बाबूजी हमारे प्यार बहुत करते हमसे पर रहते बड़े सख्त हैं।
गोल गोल आंखे और प्यारे से चेहरे और काले बालो में दिखते बड़े मस्त हैं
वैसे तो बाबूजी का हर अंदाज निराला लगता है।
मुझसे अक्सर कहते हैं बेटा तू भोला भाला लगता है।।
बीमार कभी मैं पड़ता तो डॉक्टर अंकल को बुलवाते थे
छोटी सी बीमारी पर भी जो बहुत परेशान हो जाते थे।।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

बाबूजी की हर बात को मैं हमेशा याद रखता हूं।
जब भी मुश्किल आती तो उनको पुकार लेता हूं।
बाबूजी का दोस्त यार और सब कुछ मैं कहलाता था।
बचपन में मैं दिनभर की सारी बात उन्हें बतलाता था।
माँ की ममता बाबूजी का प्यार कहते हैं कभी आंका नही जा सकता
प्यार अनंत रहता है उनके दिल मे जिसे किसी दूरबीन से झांका नही जा सकता । 
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।
            - मोतीराम 
         9131308002

Sunday, September 29, 2019

मेरी जीवन की बातों में तू है



  मेरी जीवन की बातों में तू है।
    रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

    झिलमिलाती हुई तेरी पलकें
    मौज से यू मुझे देखती हैं।
    तेरे मन की व्यथा को मैं जानू
   जो हर पल सिर्फ मुझे सोचती है।

मिल जाये हम तुम यू ही कही पर
दिल को इतनी सी एक आरजू है
मेरे जीवन की बातों में तू है

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

तेरे मेरे मिलन की कथा तो 
सबको पता चल गया है 
सोचता था मैं ख्वाबो में जिसको
आज हसकर वो मुझे मिल गया है।

दिल की बातों को तुम सुन रही हो
जो कर रहा तुझसे गुफ़्तगू है 
मेरे जीवन की बातों में तू है

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

खूब बरसात के बाद देखो
कितना प्यारा ये दिन खिल गया है 
तेरे चेहरे की चमक कह रही है
तेरा साजन तुझे मिल गया है।

दिल ये कहता है मेरा हमदम 
दिल की हसरत बस  तू ही तू है
मेरे जीवन की बातों में तू है 

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

          -मोतीराम


Sunday, September 15, 2019

मेरी ममतामयी माँ

माँ तेरी पनाह में रहना मुझे अच्छा लगता है।
तेरी आँचल के छांव में रहना मुझे अच्छा लगता है।
वो मखमली रजाई और ए सी की हवा अच्छी नही लगती मुझे|
माँ मुझे हमेशा तेरी गोद मे सोना अच्छा लगता है।।

तेरी वो बचपन की लोरी और तेरा फटकार माँ,
वो डंडे की मार फिर ममता भारी दुलार माँ,
वो खाना खाले वाली जिद ,
घर पहुचने पर तेरी वो पहली दीद  ,
आज तो मैं बड़ा हो गया माँ और तुम कहती हो बच्चा लगता है।।
माँ मुझे हमेशा तेरी गोद मे सोना अच्छा लगता है।।

स्कूल के बैग में तुम किताबें ढूढ के रखती हो,
मैं कैसा रहूंगा क्या करूँगा मुझसे ज्यादा तूम सोचती हो,
आज दूर हूं तुमसे तो भी तुम सोच री होगी,
मुझे पता है माँ तुम हर रोज मेरा राह देख रही होगी ।।
मैं देख लिया जमाने की प्यार माँ मुझे तेरा प्यार सच्चा लगता है
माँ मुझे हमेशा तेरी गोद मे सोना अच्छा लगता है।।

लब से बिना कुछ बोले तुम सब कुछ समझ जाती हो।
थोड़ी सी चोट लगने पर तुम घबराकर दौड़ आती हो।
मन मे चिंता दिल मे भय आकर माथा चुम गले लग जाती हो।
जीवन मे हर रोज हर समय अपनी ममता का अंश दे जाती हो।
और मैं क्या बताऊँ मुझे अपनी ममतामयी माँ की प्यार करने का हर अंदाज सच्चा लगता है।।
माँ मुझे हमेशा तेरी  गोद मे सोना अच्छा लगता है।।

माँ वो सब पैसे ख़र्च हो गए जो ,
जो घर से आया तो पापा ने दिये थे।
जिंदगी के मुश्किलों में काम आए वो पैसे,
जो चुपके से तुमने मेरे जेब मे रख दिये थे।
माँ यहाँ सब कुछ है फिर भी हमेशा घर जाने की इच्छा लगता है
माँ मुझे हमेशा तेरी गोद मे सोना अच्छा लगता है।।

मोतीराम साहू 
9131308002

Tuesday, September 10, 2019

अहसास -: मोहब्बत की


अहसास -: मोहब्बत की

मेरी कलम से लिखा हुआ प्यार तेरे लिए है
मेरी दिल से की गई हर पुकार तेरे लिए है
तुझे कैसे यकीन दिलाऊ कैसे भरोशा हो तुझे
मेरी इस जिंदगी की पूरी संसार तेरे लिए है।।

बिठा कर चाँद आसमाँ में आईने से देखना है मुझे
कितना बदल गया कितना सच्चाई है देखना है मुझे
 वो रूप तेरी ख्वाब  तेरी  जिस पर रहती नजर मेरी
आखिर इतनी खूबसूरत आईना तुम हो तो देखना है मुझे ।।


मुझमे तेरा वजूद आज भी है
तेरा ख्वाब नही तू खुद आज भी है
मेरी रूह तक पहचानती है तुम्हे,
 तू मेरी सांसो में मौजूद आज भी है।।

ये हवा का स्पर्श तेरी याद दिलाती है
ये शोर ये शन्नटा तेरी याद दिलाती है
महज कुछ शब्दों में बया करू तो कैसे
ये जिस्म ये रूह तेरी याद दिलाती है।।
     मोतीराम साहू 
     9131308002

Tuesday, June 18, 2019

दिल की पुकार



हार गया मन मेरा आज फिर से एक बार
टूट गया स्वप्न मेरा आज फिर से एक बार
पुकार रहा दिल तुम्हे आज फिर से एक बार
गा रहा दिल मेरा आज फिर से एक बार

बुला रहा है मीत तेरा आ फिर से एक बार
लग गले मुस्कुरा दे आज फिर से एक बार

जो तुम गई तो रैन गया जीवन का सुख चैन गया
हर पल आंसू रोते हैं वो निंदियो वाली नैन गया

जीवन की संगिनी हो तुम और मेरा अभिमान भी तुम
सुख दुख की साथी हो तुम ओर मेरा पहचान भी तुम

हम तो तूझमे ही रहते हैं तुझमे जागते सोते हैं
तुम साथ रहो तो हँसते हैं जो दूर रहो तो रोते हैं

आशाओं की दुनिया मे हम जब भी ऐसे गुम हो जाते हैं
छोड़ जाए पूरी दुनिया पर तुमको साथ मे पाते हैं



✍मोतीराम
motiramsahu100@gmail.com

खुशियों की सौगात

  फूल कोई तुम्हे भी मिल जाएगा  सब्र थोड़ा करो वह खिल जाएगा  राह में उनसे हसकर मिलो तो जरा, जख्म दिल के सभी सील जाएगा। तुमको पा लेना बस तो मु...