Search This Blog

Tuesday, February 1, 2022

जब भी तुम ..

 

जब भी तुम खुद को तन्हा पाओगे,

आस पास मुझे हर लम्हा पाओगे।


दिल की बातें मुझसे कहना चाहोगे ,

पास आकर सदा साथ रहना चाहोगे।


मेरी बातें जब भी तुमको याद आएगी,

हल्की मुस्कान के साथ मिलने की फरियाद लाएगी।


तेरी मुस्कुराहटों के पीछे का गम हम जानते हैं,

इसलिए खुदा से बढ़कर तुझे हम मानते हैं।


ये रिश्ता तेरा मेरा हर रिश्ते से बड़ा है,

लोग सिर्फ यह कहते हैं, हम मानते हैं।


मेरी मोहब्बत की अहसासों में सिर्फ तुम रहती हो,

दूर ना जाना कभी पास आकर कानों में कहती हो।


साथ रहूंगा हमेशा तुम्हारे यह वादा रहा,

जीवन पथ में साथ देने का गर तुम्हारा इरादा रहा।।


     ~मोतीराम💝

Thursday, January 20, 2022

मैंने जब जब

 

मैने जब जब तुमको सोचा है, 

हर एक पल बस तुमको सोचा है।

जीवन में जो अनमोल समय थे,

उस क्षण भी बस तुमको सोचा है।


जीवन की ये रंगीन नजारे, आज दिखे हैं हमको सारे,

तेरी सुधियों की डगर में, बैठा हूँ बस राह निहारे।


कोमल चरण तुम्हारे जब भी चौखट पार लगाएंगे,

बाँह में आने की आतुरता तुमको बहुत सताएंगे।


तब तुम भी सामझोगी कैसे 

मैने अश्कों को रोका है ,

मैंने जब जब तुमको सोचा है

हर एक पल बस तुमको सोचा है।

जीवन में जो अनमोल समय थे,

उस क्षण भी बस तुमको सोचा है।


तेरी जुल्फों की खुशबू से आज फिजा भी महक उठी है

वर्षों से चुप बैठी जो कोयल आज खुद ही चहक उठी है।


तेरी हँसी की ठहाकों से आज नया उपवन खिला है,

इतने दिनों से सोये मन मे आज नया जीवन खिला है।


इस जीवन में मैंने अक्सर 

खुद को खुद में झोंका है,

मैंने जब जब तुमको सोचा है

हर एक पल बस तूमको सोचा है।

जीवन में जो अनमोल समय थे,

उस क्षण भी बस तुमको सोचा है।


मैंने जब जब ......


~ मोतीराम 💝

Sunday, April 18, 2021

कोरोना, वैक्सीन और कर्म पथ

 एक वक्त था जब हमे खुद की घर बड़ी लगती थी। 

जब हम शहरों में रहते  और घर खाली पड़ी रहती थी।।


लोग भागते हैं खुद की सपनों को सच करने के लिए।

जो कभी कमाए थोड़े पैसे उसे ख़र्च करने के लिए।।


महामारी भरी समाज मे मन कुछ उलझा सा,सोच सोच कर दुनिया के बारे में मन कुछ थका सा है ।

शोर रहती थी जिन सड़को में आज सब शांत है,जिंदगी हर रोज नई दिशा में चलती थी वह अब रुका सा है।।


मन मे एक चिंताओं की लहर सी उठ रही है, जो हर पल हर क्षण और भी तीव्र होती चली जा रही है।

एक सहारा है वैक्सीन की जो बचा ले हमे क्योंकि सारा जहां अपना अस्तित्व खोती चली जा रही है।।


ये गर्मी का दिन और lockdown का मौसम और तड़के की धूप फिर भी मन मे एक उत्साह कुछ करने का जुनून कुछ सपनों को हकीकत करने की जिद  

 रुके हुए पैरों को चलने हेतु प्रेरित करती हुई जिम्मेदारीया

 मन को हारने नही देती।


कहीं न कहीं हलचल भरी इस दुनिया मे

 एक शांत मन अपनी उम्मीदों ,अपनी सपनों और  अपनी भूख   

को सम्पूर्णता दिलाने के लिए जद्दोजहद कर रही है ,

जो कर्म पथ से खुद को भागने नही देती।


- मोतीराम 

Monday, March 1, 2021

दिल की ख़्वाहिश : कश्मीर

 दिल की ख़्वाहिश : कश्मीर


इस दिल की सारी ख्वाहिश पूरी हो जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती ।।



रास्ते मे हम तुम यू ही बाते करते जाते

जो कुछ हमको मिलता हम खूब मजे से खाते।।

खाकर ही खुश होते हम फिर आगे सफर में जाते

देख देख कर हरियाली हम दिल से खिल खिल जाते।।


यू ही हस्ते गाते हमको अपनी मंजिल मिल जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती ।।



वहां की ठंड फिजाओ में हम भी सिहर सिहर से जाते,

स्वेटर पहनें शॉल ओढ़कर भी हम थोड़े से कंपकपाते

वहां की जन्नत देख फिर नदियो में हम नवका की शैर लगाते 

भूख जो लगती हमको तो हम तुम ढेरों सेब खाते ।।


ऐसे ऐसे अनुपम छटा तुम देख देख मुस्काती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती।।


रंग बिरंगे कपडे पहन हम भी थोड़े मजे कर लेते

नाच गा कर हस हँसाकर सबको खुश कर देते

और बाजारों में घूम घूम हम कुछ मिठाई भी खा लेते 

ऐसे ही मस्त वादियों में हम भी थोडे से पल जी लेते


तब स्वप्न भरे जन्नत देख हमारी तकदीर भी खिल जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती।।


   - मोतीराम. 



Thursday, January 23, 2020

मेरी प्रियतम मुझे .


मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।
महफील अगर मिली कोई तो,  मुझको तेरे संग चलना है
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

जिस दिन पास नही मेरे ,हा पास नही तू आती है ।
सुना सुना दिन लगता है ,मुझे नींद नही आती है।
तेरे संग मुझको तो अब ,हर दिन हर पल रहना है।
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

दूरी रहे धरा की अम्बर से, फिर भी हम तो साथ चलेंगे ।
भूल जमाने की डर को हम, हाथो में लेकर हाथ चलेंगे ।
जैसे चलते हैं नीर पवन, वैसे ही हमको साथ चलना है
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

यू रातो को तुम अक्सर , आजाना मेरी बाहों में।
लब से भले कुछ ना कहना ,कह देना मुझसे निगाहों में।
तुम मेरी दुनिया की महफील, तुम ही मेरा आशियाँ हो
तुम्हे ये आंखे ढूंढे है अब ,इन आंखों
 में तुमको रहना है।
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।
मेरी प्रियतम मुझे ......
       -मोतीराम 

Wednesday, January 8, 2020

मुझे दीपक की तरह जलना है।

   
   मुझे दीपक की तरह जलना है।

बहुत जी ली अपनी जिंदगी,अब मुझे तो देश के लिए कुछ करना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

अपनी जीवन की सारी सुख चैन अब मुझे एक पल में छोड़ना है ।
जो जीवन देश के काम आए मुझे अब उस जीवन की तरह ढलना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


आज और अभी से मुझे अपनो का त्याग करना है।
जो खुद के लिए देखा उन सब सपनों का त्याग करना है ।
माँ बाप को बहुत दुख दिया लेकिन अब तो उनका सिर ऊंचा करना है ।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


प्रातः काल उठना है और रात को देर से सोना है 
दिनभर मेहनत कर शरीर सुडौल बनाना है
दौड़ हो या भाला फेंक या कोई कसरत या सीना 
मुझे तो अब हर मुकाम में पहला आना है 
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,
मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

माँ बाप ने मुझे बहुत मन्नत से पाया है 
मुझे पता है मेरे लिए अपना सबकुछ खपाया है 
जो मेरे लिए आजतक खपाया उनसभी का अब मुझे ऋण चुकाना है ।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


अब तो मेरे सपने कहते हैं मुझसे मुझे देश के लिए जीना और देश के लिए मरना है।
दुश्मन चाहे लाख डराए मुझे कभी पीछे नही हटना है।
डटकर लड़ना है मुकाबला करना है मैं शेर हु भारत माँ का मुझे शिकार करना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

युद्ध होना तो तय है अरे कोई बात नही
वो डराएंगे धमकाएंगें अरे कोई बात नही
वो गोलियां भी चलाएंगे अरे कोई बात नही 
हम मारेंगे या मर जायेंगे अरे कोई बात नही।
बस बात ये है कि भले ही शरीर खून से लतपथ हो फिर भी मुझे अपना तिरंगा शान से लहराना है
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

        - मोतीराम

https://m.youtube.com/results?search_query=Motiram+kv

Saturday, December 28, 2019

मेरे अल्फाज

         
                                    मेरे अल्फाज 

                                एक ग़ज़ल सा दिल है मेरा ,
    रख लो इसका लाज तुम।

गीत कोई चुन लिए हो,
तो सुना दो साज तुम।

मुझमे तो तुम यूं बसी हो
जैसे मेरी अल्फाज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

दिल की बाते ना छुपाओ ,
खुलकर बताओ राज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

मेरी मोहब्बत तो है पावन,
चाहे सौ जतन कर लो तुम।

बाद में हा करना मुझसे,
पहले अपना मन भर लो तुम।

मैं तो तुम पर सब रख दिया हु
जी गया और मर गया हूँ

तुम्हारी मर्जी अब चलेगी,
चाहो तो मुझपर मर लो तुम।।

कब करोगी ये बताओ,
इकरारे मोहब्बत का आगाज तुम

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

- मोतीराम 


Friday, December 20, 2019

तेरी दौलत


मुश्किले भी हैं,गम भी हैं
तुम भी हो हम भी हैं।
तेरी बेरुकी भी हैं
तेरी मुस्कुराहट भी है।
तुम दूर भी हो 
तुम पास भी हो ।
साथ कोई नही 
फिर भी तेरी आहत सी है ।
सोचता हूं कभी की तुमको साथ रखु 
 तुम्हारा ख्याल तुम्हारी बाते 
सब मेरी चाहत सी है।
तुझमे ही तो खोया हु 
तुमको ही तो पाया हूं
लगता है तुझसे ही मेरी  जिंदगी की 
सब  इबादत सी है।।

तेरी सूरत की मुरीद में बैठा हूँ 
मैं भी कई जन्मों का भटकता हुआ
 तुमको देखकर लगता है हा अब राहत सी है।।

तुम आज समझ जाओ ये पंक्तियां मेरी
जो मेरी सिर्फ कहानी नही 
मेरी जिंदगी की हसरत भी है।।

आजमाना है तुमको तो आ जाओ 
आजमा लो मुझको आज 
तुमको भी पता तो चले 
ये सिर्फ रज नही तेरी दौलत भी है।।

    - मोतीराम 

खुशियों की सौगात

  फूल कोई तुम्हे भी मिल जाएगा  सब्र थोड़ा करो वह खिल जाएगा  राह में उनसे हसकर मिलो तो जरा, जख्म दिल के सभी सील जाएगा। तुमको पा लेना बस तो मु...