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Monday, March 1, 2021

दिल की ख़्वाहिश : कश्मीर

 दिल की ख़्वाहिश : कश्मीर


इस दिल की सारी ख्वाहिश पूरी हो जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती ।।



रास्ते मे हम तुम यू ही बाते करते जाते

जो कुछ हमको मिलता हम खूब मजे से खाते।।

खाकर ही खुश होते हम फिर आगे सफर में जाते

देख देख कर हरियाली हम दिल से खिल खिल जाते।।


यू ही हस्ते गाते हमको अपनी मंजिल मिल जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती ।।



वहां की ठंड फिजाओ में हम भी सिहर सिहर से जाते,

स्वेटर पहनें शॉल ओढ़कर भी हम थोड़े से कंपकपाते

वहां की जन्नत देख फिर नदियो में हम नवका की शैर लगाते 

भूख जो लगती हमको तो हम तुम ढेरों सेब खाते ।।


ऐसे ऐसे अनुपम छटा तुम देख देख मुस्काती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती।।


रंग बिरंगे कपडे पहन हम भी थोड़े मजे कर लेते

नाच गा कर हस हँसाकर सबको खुश कर देते

और बाजारों में घूम घूम हम कुछ मिठाई भी खा लेते 

ऐसे ही मस्त वादियों में हम भी थोडे से पल जी लेते


तब स्वप्न भरे जन्नत देख हमारी तकदीर भी खिल जाती

काश हमे हमारी किस्मत कश्मीर ले जाती।।


   - मोतीराम. 



Thursday, January 23, 2020

मेरी प्रियतम मुझे .


मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।
महफील अगर मिली कोई तो,  मुझको तेरे संग चलना है
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

जिस दिन पास नही मेरे ,हा पास नही तू आती है ।
सुना सुना दिन लगता है ,मुझे नींद नही आती है।
तेरे संग मुझको तो अब ,हर दिन हर पल रहना है।
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

दूरी रहे धरा की अम्बर से, फिर भी हम तो साथ चलेंगे ।
भूल जमाने की डर को हम, हाथो में लेकर हाथ चलेंगे ।
जैसे चलते हैं नीर पवन, वैसे ही हमको साथ चलना है
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।

यू रातो को तुम अक्सर , आजाना मेरी बाहों में।
लब से भले कुछ ना कहना ,कह देना मुझसे निगाहों में।
तुम मेरी दुनिया की महफील, तुम ही मेरा आशियाँ हो
तुम्हे ये आंखे ढूंढे है अब ,इन आंखों
 में तुमको रहना है।
मेरी प्रियतम मुझे, तुमसे बस इतना कहना है।।
तेरे साथ है जीवन मेरा ,तेरे साथ ही मरना है ।
मेरी प्रियतम मुझे ......
       -मोतीराम 

Wednesday, January 8, 2020

मुझे दीपक की तरह जलना है।

   
   मुझे दीपक की तरह जलना है।

बहुत जी ली अपनी जिंदगी,अब मुझे तो देश के लिए कुछ करना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

अपनी जीवन की सारी सुख चैन अब मुझे एक पल में छोड़ना है ।
जो जीवन देश के काम आए मुझे अब उस जीवन की तरह ढलना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


आज और अभी से मुझे अपनो का त्याग करना है।
जो खुद के लिए देखा उन सब सपनों का त्याग करना है ।
माँ बाप को बहुत दुख दिया लेकिन अब तो उनका सिर ऊंचा करना है ।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


प्रातः काल उठना है और रात को देर से सोना है 
दिनभर मेहनत कर शरीर सुडौल बनाना है
दौड़ हो या भाला फेंक या कोई कसरत या सीना 
मुझे तो अब हर मुकाम में पहला आना है 
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,
मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

माँ बाप ने मुझे बहुत मन्नत से पाया है 
मुझे पता है मेरे लिए अपना सबकुछ खपाया है 
जो मेरे लिए आजतक खपाया उनसभी का अब मुझे ऋण चुकाना है ।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।


अब तो मेरे सपने कहते हैं मुझसे मुझे देश के लिए जीना और देश के लिए मरना है।
दुश्मन चाहे लाख डराए मुझे कभी पीछे नही हटना है।
डटकर लड़ना है मुकाबला करना है मैं शेर हु भारत माँ का मुझे शिकार करना है।
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

युद्ध होना तो तय है अरे कोई बात नही
वो डराएंगे धमकाएंगें अरे कोई बात नही
वो गोलियां भी चलाएंगे अरे कोई बात नही 
हम मारेंगे या मर जायेंगे अरे कोई बात नही।
बस बात ये है कि भले ही शरीर खून से लतपथ हो फिर भी मुझे अपना तिरंगा शान से लहराना है
ये पवन तू चाहे कितना भी रोक ले ,मुझे तो दीपक की तरह जलना है।

        - मोतीराम

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Saturday, December 28, 2019

मेरे अल्फाज

         
                                    मेरे अल्फाज 

                                एक ग़ज़ल सा दिल है मेरा ,
    रख लो इसका लाज तुम।

गीत कोई चुन लिए हो,
तो सुना दो साज तुम।

मुझमे तो तुम यूं बसी हो
जैसे मेरी अल्फाज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

दिल की बाते ना छुपाओ ,
खुलकर बताओ राज तुम।

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

मेरी मोहब्बत तो है पावन,
चाहे सौ जतन कर लो तुम।

बाद में हा करना मुझसे,
पहले अपना मन भर लो तुम।

मैं तो तुम पर सब रख दिया हु
जी गया और मर गया हूँ

तुम्हारी मर्जी अब चलेगी,
चाहो तो मुझपर मर लो तुम।।

कब करोगी ये बताओ,
इकरारे मोहब्बत का आगाज तुम

गर है वफाये तुमको मुझसे ,
तो बता दो आज तुम।।

- मोतीराम 


Friday, December 20, 2019

तेरी दौलत


मुश्किले भी हैं,गम भी हैं
तुम भी हो हम भी हैं।
तेरी बेरुकी भी हैं
तेरी मुस्कुराहट भी है।
तुम दूर भी हो 
तुम पास भी हो ।
साथ कोई नही 
फिर भी तेरी आहत सी है ।
सोचता हूं कभी की तुमको साथ रखु 
 तुम्हारा ख्याल तुम्हारी बाते 
सब मेरी चाहत सी है।
तुझमे ही तो खोया हु 
तुमको ही तो पाया हूं
लगता है तुझसे ही मेरी  जिंदगी की 
सब  इबादत सी है।।

तेरी सूरत की मुरीद में बैठा हूँ 
मैं भी कई जन्मों का भटकता हुआ
 तुमको देखकर लगता है हा अब राहत सी है।।

तुम आज समझ जाओ ये पंक्तियां मेरी
जो मेरी सिर्फ कहानी नही 
मेरी जिंदगी की हसरत भी है।।

आजमाना है तुमको तो आ जाओ 
आजमा लो मुझको आज 
तुमको भी पता तो चले 
ये सिर्फ रज नही तेरी दौलत भी है।।

    - मोतीराम 

Sunday, November 17, 2019

कारगिल युद्ध (देश की सीमा)

सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है
तन से मन से और धन से सबको मिलकर कुछ कुछ जतन से
सेवा जितना हो सके सकल समर्पण करनी है।
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

मूर्छित होता जो सैनिक सब मिलकर सम्मान करते हैं
जो दुश्मन को पार लगाए सब मिलकर अभिमान करते हैं
जो करती हैं देश की सेना सबको मिलकर वैसी करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

सब सैनिक का परिवार है होता होता घर और द्वार
दुनिया की मोह माया से परे छोटा सा एक संसार
इस संसार का भी पालन पोषण उसी सैनिक को करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

दुनिया का जो सुख ना जाने ना जाने भोजन पानी
फिर भी रहते बड़े मौज में दिखते सबसे अवमानी
कहते हैं वे हमको जब तक हम हैं तुम सबको चैन से रहनी हैं
 सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

दुश्मन जिसके पास ना आये ,कुछ करे और कुछ हो जाये 
सडयंत्र करके भी पझताये एक को मारे तो सौ मर जाये
चिल्लाये और मुह की खाये ,दुम दबा कर जो भाग जाए ,
यह मेरा देश हैं ऐसा जो सीमाओं को अधिक बलवान बनाये
मेरे इस देश पर अब सबको गुमान करनी है
सीमाओं से कौन डरे यह तो अपनी जननी है
इसकी गोद मे सर रख कर इसकी रक्षा करनी है

        -मोतीराम 
9131308002

Saturday, October 19, 2019

बाबूजी


                      बाबूजी

लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।
बचपन मे मैं जब भी गिरता वो झट से मुझे उठाते थे।
रोता मैं गिरकर जो कभी तो सहलाकर चुप कराते थे।
बाबूजी के साथ घूमना मानो हर दिन मेला सा लगता था।
जिस पल साथ नही रहते तो सब कुछ झमेला सा लगता था।
बाबूजी हमको बात बताते थे गांव गली और बुजुर्गो की।
कहते थे काम आएगा सुन लो यह बात है तजुर्बा की ।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

उनके कहानियों में जीवन का हर सार छुपा रहता है।
बीत गया वह जमाना और आने वाला संसार छुपा रहता है ।
वो बाबूजी के साथ खेलना ,लड़ना झगड़ना हँसना रोना।
उनकी थाली में खाना अपना जूठा उन्हें खिलाना।
सब बातें उस जमाने की जब हमको अच्छा लगता था।
मन मे किसी के लिए भी बैर नही सब कुछ सच्चा लगता था ।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

बाबूजी हमारे प्यार बहुत करते हमसे पर रहते बड़े सख्त हैं।
गोल गोल आंखे और प्यारे से चेहरे और काले बालो में दिखते बड़े मस्त हैं
वैसे तो बाबूजी का हर अंदाज निराला लगता है।
मुझसे अक्सर कहते हैं बेटा तू भोला भाला लगता है।।
बीमार कभी मैं पड़ता तो डॉक्टर अंकल को बुलवाते थे
छोटी सी बीमारी पर भी जो बहुत परेशान हो जाते थे।।
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।

बाबूजी की हर बात को मैं हमेशा याद रखता हूं।
जब भी मुश्किल आती तो उनको पुकार लेता हूं।
बाबूजी का दोस्त यार और सब कुछ मैं कहलाता था।
बचपन में मैं दिनभर की सारी बात उन्हें बतलाता था।
माँ की ममता बाबूजी का प्यार कहते हैं कभी आंका नही जा सकता
प्यार अनंत रहता है उनके दिल मे जिसे किसी दूरबीन से झांका नही जा सकता । 
लड़कपन की वो बात पुरानी , सुनो आज बतलाता हूं।
मेरे जो बाबूजी हैं उनकी कुछ बात पुरानी  सुनाता हूं।
            - मोतीराम 
         9131308002

Sunday, September 29, 2019

मेरी जीवन की बातों में तू है



  मेरी जीवन की बातों में तू है।
    रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

    झिलमिलाती हुई तेरी पलकें
    मौज से यू मुझे देखती हैं।
    तेरे मन की व्यथा को मैं जानू
   जो हर पल सिर्फ मुझे सोचती है।

मिल जाये हम तुम यू ही कही पर
दिल को इतनी सी एक आरजू है
मेरे जीवन की बातों में तू है

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

तेरे मेरे मिलन की कथा तो 
सबको पता चल गया है 
सोचता था मैं ख्वाबो में जिसको
आज हसकर वो मुझे मिल गया है।

दिल की बातों को तुम सुन रही हो
जो कर रहा तुझसे गुफ़्तगू है 
मेरे जीवन की बातों में तू है

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

खूब बरसात के बाद देखो
कितना प्यारा ये दिन खिल गया है 
तेरे चेहरे की चमक कह रही है
तेरा साजन तुझे मिल गया है।

दिल ये कहता है मेरा हमदम 
दिल की हसरत बस  तू ही तू है
मेरे जीवन की बातों में तू है 

मेरी जीवन की बातों में तू है।
रात में मेरे ख्वाबो में तू है।

          -मोतीराम


खुशियों की सौगात

  फूल कोई तुम्हे भी मिल जाएगा  सब्र थोड़ा करो वह खिल जाएगा  राह में उनसे हसकर मिलो तो जरा, जख्म दिल के सभी सील जाएगा। तुमको पा लेना बस तो मु...